Tuesday, February 21, 2012

सिर्फ एक पल

एक पल चाहिए
सिर्फ एक पल
ना चाहिए तुम्हारा आज
ना मांगू मै तुम्हारा कल
सिर्फ एक पल

कुछ बातें
जो दिल मे है
शायद जूबा पे होंगी
कुछ हसरतें है नैनो की
जो उस पल मे पूरी होंगी
ना चाहू तुम्हारा आज
ना मांगू मै तुम्हारा कल
सिर्फ एक पल

कहाँ मै गलत हुआ
कहा तुम्हारी आँखें हुई नाम
लगी थी हम को बद्दुआ
ये क्यू नही समझ पाए हम
ना चाहू तुम्हारा आज
ना मांगू मै तुम्हारा कल
सिर्फ एक पल

करना है कुछ खास
शायद जिस्से तुम्हे फिर पा पाऊ
जिस्से हो तुम्हे एहसास
के मै बैठा हू लगाए आस
एक पल की आस
सिर्फ एक पल की है ज़रूरत
शायद माँग रहा हू मै कुछ ज़्यादा
शायद चुक्का ना पाउगा मै इस पल की क़ीमत
लेकिन करता हू मै वादा
की मेरा नेक है इरादा
की मेरे लिए अब भी हो तुम
दुनिया से काई गुना ज़्यादा
एक पल चाहिए सिर्फ एक पल
ना आज ना कल
सिर्फ एक पल…

राहुल सिंह

4 comments:

  1. mst he yaar pta ni tha tu itna tallented kv teri poem jarur use karunga impress krne k liye..

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  2. Superb yaar, mind blowing!
    Sch me really awesome, Honestly speaking, its the best romantic hindi poem i've ever heard from a non professional poet.
    What more to say! I was really lost in another world as long as I read the poem and this clearly explains that how successful you've been in your approach.

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